मुझे मोहब्बत में ही कभी बर्बाद कर दिया।
किस्मत का खेल देखिए, जिसे चाहा था दिल से, वही दूर हो गया।
मगर आज भी तेरा नाम दिल से मिटा नहीं पाया।
जिसने भी मुझे छोड़ दिया, वो अपना अच्छा वक्त देखकर चला गया।
दर्द जब हद से गुज़र जाता है, तो आंसू भी साथ छोड़ देते हैं।
तेरी मोहब्बत ने ऐसा दर्द दिया, कि अब तन्हाई भी अपना सा लगता है।
किस्मत कुछ ऐसी थी Sad Shayari चैन से जीने की हिम्मत नहीं हुई,
क्या तुमने कभी सोचा, हम दूर क्यों हो गए।
दिल लगाने से अच्छा था, किताबों से इश्क कर लेते, बेवफाई तो ये भी करते, मगर कम से कम पढ़ाई तो होती।
कभी हमने सोचा था, तुम्हारे बिना जीना मुश्किल होगा,
हमने सोचा था हर दर्द सह लेंगे, पर जब तेरा नाम आया, तो आंखें नम हो गईं।
तुम दूर चले गए, पर दिल में तुम्हारी यादें अभी भी बाक़ी हैं,
मोहब्बत में हार कर भी तुझे याद करता हूँ,
एक चादर में लिपटे दो बदन.. एक तेरा हो, एक मेरा हो।